Chhattisgarh mein paye jaane wale khanij : छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों के मामले में भारत के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है। यहाँ देश के कुल खनिज उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा पाया जाता है। राज्य के राजस्व (Revenue) का मुख्य स्रोत यहाँ मिलने वाले प्रमुख खनिज जैसे कोयला (Coal), लौह अयस्क (Iron Ore), और बॉक्साइट (Bauxite) हैं।
CGPSC और CG Vyapam जैसी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से इन खनिजों के वितरण और प्रमुख खदानों (Mines) की सूची नीचे विस्तार से दी गई है:
1. कोयला (Coal) – छत्तीसगढ़ का ‘काला हीरा’
छत्तीसगढ़ भारत में कोयला उत्पादन (Coal Production) में शीर्ष राज्यों में शामिल है। यहाँ पाए जाने वाले कोयले की चट्टानें मुख्य रूप से गोंडवाना कल्प (Gondwana Sediment) समूह के अंतर्गत आती हैं।
कोयले का प्रकार: छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से बिटुमिनस (Bituminous) श्रेणी का कोयला पाया जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से थर्मल पावर प्लांट और स्टील उद्योगों में होता है।
प्रमुख खनन क्षेत्र और खदानें:
कोरबा जिला: दीपका, गंवरा (Gevra), और कुसमुंडा। (गंवरा एशिया की सबसे बड़ी ओपन कास्ट कोयला खदानों में से एक है)।
रायगढ़ जिला: मांड घाटी क्षेत्र, घरघोड़ा, छाल, पेलम।
सूरजपुर जिला: विश्रामपुर, रामकोला, झिलमिली।
कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB): चिरमिरी, सोनहट, सुहागपुर, झगराखांड।
2. लौह अयस्क (Iron Ore)
छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यहाँ का लोहा मुख्य रूप से धारवाड़ शैल समूह (Dharwar Rock System) की चट्टानों में मिलता है।
लोहे का प्रकार: यहाँ मुख्य रूप से सर्वोत्तम किस्म का हेमेटाइट (Hematite) लोहा पाया जाता है, जिसमें लोहे की मात्रा 60-70% तक होती है। यहाँ का लोहा विशाखापत्तनम बंदरगाह के माध्यम से जापान को भी निर्यात किया जाता है।
प्रमुख खनन क्षेत्र और खदानें:
दंतेवाड़ा जिला: बैलाडीला (Bailadila) – यह अपनी उच्च गुणवत्ता वाले हेमेटाइट और यंत्रीकृत (Mechanized) खनन के लिए पूरे एशिया में प्रसिद्ध है। यहाँ किरंदुल और बचेली मुख्य खदानें हैं।
कांकेर जिला: रावघाट (यहाँ से भिलाई स्टील प्लांट को लोहे की आपूर्ति की जाती है)।
बालोद जिला: डल्ली-राजहरा (भिलाई स्टील प्लांट की पारंपरिक लौह आपूर्ति खदान)।
कबीरधाम (कवर्धा) जिला: चिल्फी घाटी, एकलामा।
3. बॉक्साइट (Bauxite) – एल्युमिनियम का अयस्क
बॉक्साइट एल्युमिनियम का मुख्य कच्चा माल (Ore) है। छत्तीसगढ़ में बॉक्साइट का जमाव मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप (Deccan Trap) और लेटराइट मिट्टी वाले पाठ प्रदेशों में पाया जाता है।
उपयोग: यहाँ से उत्पादित बॉक्साइट की मुख्य आपूर्ति कोरबा में स्थित बालको (BALCO – Bharat Aluminium Company) प्लांट को की जाती है।
प्रमुख खनन क्षेत्र और खदानें:
सरगुजा जिला: मैनपाट (इसे ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ भी कहा जाता है)।
बलरामपुर जिला: जमीरपाट, सामरीपाट, लहसुनपाट।
जशपुर जिला: पंडरापाट, खुड़िया पहाड़।
कबीरधाम जिला: बोराई, दलदली।
कोरबा जिला: पुटका पहाड़, पवनखेड़ा।
परीक्षा उपयोगी विशेष तालिका (Quick Revision Table)
| खनिज (Mineral) | संबद्ध चट्टान समूह (Rock System) | प्रमुख खदान / क्षेत्र (Top Mines) | मुख्य उत्पादक जिला (Top District) |
| कोयला | गोंडवाना समूह | गंवरा, दीपका, कुसमुंडा, विश्रामपुर | कोरबा, रायगढ़ |
| लौह अयस्क | धारवाड़ समूह | बैलाडीला, रावघाट, डल्ली-राजहरा | दंतेवाड़ा, कांकेर, बालोद |
| बॉक्साइट | दक्कन ट्रैप (लेटराइट) | मैनपाट, जमीरपाट, सामरीपाट | सरगुजा, बलरामपुर |
परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1. एशिया की सबसे बड़ी यंत्रीकृत (Mechanized) लौह अयस्क खदान छत्तीसगढ़ में कहाँ स्थित है?
उत्तर: बैलाडीला (दंतेवाड़ा जिला)।
प्रश्न 2. भिलाई स्टील प्लांट (BSP) को वर्तमान में लौह अयस्क की आपूर्ति कहाँ से की जा रही है?
उत्तर: रावघाट (कांकेर) और डल्ली-राजहरा (बालोद) से।
प्रश्न 3. एशिया की सबसे बड़ी ओपन कास्ट कोयला खदान कौन सी है?
उत्तर: गंवरा खदान (कोरबा जिला, SECL द्वारा संचालित)।
प्रश्न 4. छत्तीसगढ़ में टीन (Tin) अयस्क कहाँ पाया जाता है?
उत्तर: छत्तीसगढ़ भारत का एकमात्र टीन उत्पादक राज्य है। यह मुख्य रूप से दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के कटेकल्याण अंचल (बस्तर क्षेत्र) में पाया जाता है।



