Chhattisgarhi Janaula छत्तीसगढ़ी जनौला (पहेलियां) और उनके अर्थ: व्यापम (CG Vyapam) में बार-बार पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न
अगर आप छत्तीसगढ़ शासकीय परीक्षाओं जैसे CGPSC, CG Vyapam, हॉस्टल वार्डन, पटवारी, या छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो आपने एक बात जरूर नोटिस की होगी। इन सभी परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ी भाषा और लोक साहित्य से जुड़े कई सवाल पूछे जाते हैं। इस खंड में सबसे ज्यादा स्कोरिंग और मजेदार टॉपिक है — छत्तीसगढ़ी जनौला (पहेलियां) और उनके अर्थ।
छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति बेहद समृद्ध है। यहाँ प्राचीन काल से ही मनोरंजन और बौद्धिक क्षमता को जांचने के लिए पहेलियों का सहारा लिया जाता रहा है, जिसे स्थानीय बोली में ‘जनौला’ (CG Janaula) कहा जाता है। व्यापम की परीक्षाओं में हर साल 2 से 4 नंबर के प्रश्न सीधे जनौला से आते हैं। इस विस्तृत लेख में हम व्यापम और पीएससी में बार-बार पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण छत्तीसगढ़ी जनौला और उनके अर्थों को समझेंगे ताकि आपकी परीक्षा की तैयारी पक्की हो सके।
छत्तीसगढ़ी जनौला क्या है? (What is Chhattisgarhi Janaula)
छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य में पहेलियों को ‘जनौला’ कहा जाता है। यह शब्द ‘जानना’ या ‘जनावना’ (बताना) से बना है। ग्रामीण अंचलों में रात के समय बड़े-बुजुर्ग बच्चों का मानसिक विकास करने और उनका मनोरंजन करने के लिए इन पहेलियों को पूछते थे।
इन जनौला में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन, पशु-पक्षी, खेती-किसानी, घरेलू बर्तनों, और प्रकृति का बहुत ही सुंदर और काव्यात्मक वर्णन मिलता है। व्यापम इन प्रश्नों को इसलिए पूछता है ताकि वह यह जान सके कि आगामी सरकारी अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की जमीनी संस्कृति और भाषा का व्यावहारिक ज्ञान है या नहीं।
व्यापम परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले शीर्ष 15 छत्तीसगढ़ी जनौला और उनके अर्थ
नीचे तालिका (Table) में हमने उन चुनिंदा जनौला को शामिल किया है जो पिछले 10 वर्षों में CG Vyapam और CGPSC परीक्षाओं में बार-बार दोहराए गए हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और याद कर लें:
| क्र. सं. | छत्तीसगढ़ी जनौला (Janaula) | हिंदी अर्थ / उत्तर (Answer) |
| 1 | एक हंडिया जेमा दो रंग के पानी। | अंडा (Egg) |
| 2 | पांच भाई के एके अंगना। | हथेली और उंगलियां (Palm) |
| 3 | करिया गाय कलिंदर खाय, दुहत जाय पनहात जाय। | कुआं (Well) / रहट |
| 4 | पर्रा भर लाई, अकास म बगराई। | तारे (Stars) |
| 5 | रात म गरू, दिन म मरू। | खाट / खटिया (Cot) |
| 6 | एक कूंवा म पांच तीरंदाज। | हाथ की उंगलियां और अंगूठा |
| 7 | पूछी म पानी पीये, मूंड़ म ललियाये। | दीया / दीपक (Lamp) |
| 8 | बिना पंख के सुकवा उड़े, अऊ जाये कोस पचास। | चिट्ठी / पत्र (Letter) |
| 9 | गाय बबा के बइठे जाय, बछरू बबा के रेंगते जाय। | कद्दू / कुम्हड़ा की बेल |
| 10 | चार गोड़ के बइठका, बारह गोड़ के राऊत। | डोली या पालकी |
| 11 | हरी दुलहिन, करिया महरऊ। | लौंग (Clove) |
| 12 | एक ठन रूख म एक लाख पत्ता। | कलाई की चूड़ियां |
| 13 | छोटकुन लइका, कूद-कूद के पार बांधे। | सुई और धागा (Needle & Thread) |
| 14 | अन्तर मन्तर जादू मन्तर, छुए म बाजे बाजा। | छुईमुई का पौधा (Mimosa) |
| 15 | काटो त खून नई, छिलो त गोश्त नई। | नाखून (Nail) |
विषय के आधार पर छत्तीसगढ़ी जनौला का वर्गीकरण
परीक्षा में प्रश्नों का पैटर्न समझने के लिए हमें इन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर देखना चाहिए। आइए कुछ बेहद लोकप्रिय श्रेणियों और उनके उदाहरणों को समझते हैं:
1. मानव शरीर और अंगों से संबंधित जनौला
मानव शरीर की बनावट पर छत्तीसगढ़ी कवियों और पूर्वजों ने बहुत ही सटीक पहेलियां बनाई हैं।
जनौला: दो कपाट, एक खंभा, जेमा नाचे कन्हैया लाल।
अर्थ: जीभ और दांत (Mouth & Tongue)। मुंह के दो होठ कपाट हैं और भीतर जीभ हिलती रहती है।
जनौला: ऊपर पटपर, नीचे पटपर, बीच म मूंगरा नाचे।
अर्थ: जीभ (Tongue)।
जनौला: एक गुफा म बत्तीस चोर, दिन-रात करंय सोर।
अर्थ: दांत (Teeth)। बत्तीस दांतों को चोर की उपमा दी गई है।
2. जीव-जंतु और प्रकृति से संबंधित जनौला
छत्तीसगढ़ के जंगलों और खेतों में पाए जाने वाले जीव-जंतुओं पर आधारित प्रश्न व्यापम में अक्सर दिखते हैं।
जनौला: एक सींग के ऐसन गाय, जतका खाय ओतके चिल्लाय।
अर्थ: जाता या जांत (Chakki – Flour Mill)। ग्रामीण इलाकों में अनाज पीसने के पत्थर के जाते में एक लकड़ी की खूंटी (सींग) होती है और पीसते समय आवाज आती है।
जनौला: बिन गोड़ के रेंगथे, बिन कान के सुनथे।
अर्थ: सांप (Snake)।
जनौला: पूंछी कटारे, जंगल म फिरे।
अर्थ: कुल्हाड़ी (Axe)।
जनौला हल करने की शार्ट ट्रिक (Exam Tips)
व्यापम परीक्षा के प्रेशर में कई बार सही उत्तर याद नहीं आता। ऐसे में आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. छत्तीसगढ़ी जनौला का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
Ans: पारम्परिक रूप से इसका उद्देश्य बौद्धिक कसरत (Mental Exercise) और मनोरंजन था, लेकिन वर्तमान में यह छत्तीसगढ़ की प्रतियोगी परीक्षाओं का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक हिस्सा बन चुका है।
Q2. ‘करिया गाय कलिंदर खाय, दुहत जाय पनहात जाय’ का क्या अर्थ है?
Ans: इसका सही उत्तर कुआं (Well) है। जैसे-जैसे कुएं से पानी निकाला जाता है, उसमें पानी का सोता फूटता जाता है।
Q3. व्यापम परीक्षा में छत्तीसगढ़ी भाषा खंड से कितने अंकों के प्रश्न आते हैं?
Ans: परीक्षाओं के सिलेबस के आधार पर छत्तीसगढ़ी भाषा और लोक कला से 5 से 15 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें से छत्तीसगढ़ी जनौला (पहेलियां) और उनके अर्थ का हिस्सा काफी मजबूत होता है।
Q4. क्या छत्तीसगढ़ी जनौला की कोई प्रामाणिक पुस्तक उपलब्ध है?
Ans: हाँ, छत्तीसगढ़ी ग्रंथ अकादमी की पुस्तकें और छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य की प्रामाणिक किताबें इसके लिए सबसे बेहतर स्रोत मानी जाती हैं।



