---Advertisement---

Chhattisgarhi Muhavare aur Lokoktiyan : छत्तीसगढ़ी मुहावरे और लोकोक्तियां (Hana) अर्थ सहित

By: Shri Om Kumar

On: July 22, 2026

Chhattisgarhi Muhavare aur Lokoktiyan

Chhattisgarhi muhavare aur lokoktiyan : छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य और बोलचाल की भाषा में मुहावरों और लोकोक्तियों (जिन्हें स्थानीय बोली में ‘हाना’ या ‘काहत’ कहा जाता है) का बहुत गहरा महत्व है। ये हाने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन, संस्कृति, खेती-किसानी और इंसानी स्वभाव को बहुत ही सरल और मजेदार तरीके से बयां करते हैं।

CGPSC और CG Vyapam की परीक्षाओं में हर साल छत्तीसगढ़ी भाषा खंड के अंतर्गत मुहावरे और हाना से 3 से 5 अंकों के प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

आइए, परीक्षा के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण छत्तीसगढ़ी मुहावरों और लोकोक्तियों (Hana) को उनके अर्थ और उदाहरण के साथ समझते हैं:

 महत्वपूर्ण छत्तीसगढ़ी लोकोक्तियां (हाना / Hana) और उनके अर्थ

लोकोक्तियां या हाना वे कहावतें होती हैं जो किसी विशेष अनुभव या लोक-सत्य पर आधारित होती हैं।

  • हाना: मुसवा बिलाय के साखी।

    • अर्थ: अपराधी का गवाह भी अपराधी ही होता है (या एक दुष्ट व्यक्ति दूसरे दुष्ट की ही गवाही देता है)।

  • हाना: गठवा म नई ए कौड़ी, अऊ बबा कइथे बिलासपुर अउड़ी।

    • अर्थ: पास में पैसे न होना लेकिन बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाना (औकात से बाहर की बात करना)।

  • हाना: करिया अच्छर भँस बरोबर।

    • अर्थ: बिल्कुल अनपढ़ होना (काला अक्षर भैंस बराबर)।

  • हाना: राई के परबत बनाना।

    • अर्थ: छोटी सी बात को बहुत बड़ा चढ़ाकर कहना (राई का पहाड़ बनाना)।

  • हाना: खाय बर तेल नई, अऊ मूंड़ म डारे बर चमेली।

    • अर्थ: अत्यधिक गरीबी में भी झूठी शान या दिखावा करना।

  • हाना: रांधे के बेर राधा, अऊ खाय के बेर सांधा।

    • अर्थ: काम के समय बहाने बनाना या गायब रहना, और फल या भोजन के समय सबसे आगे आ जाना।

  • हाना: एक हाथ म ताली नई बाजे।

    • अर्थ: झगड़ा दोनों तरफ की गलती से होता है (एक हाथ से ताली नहीं बजती)।

  • हाना: जिहां गुर तहां चाँटी।

    • अर्थ: जहाँ लाभ या स्वार्थ होता है, वहाँ लोग अपने आप खिंचे चले आते हैं।

Read More  Chhattisgarh Vyapam Exam Calendar 2026: छत्तीसगढ़ व्यापम भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का पूरा शेड्यूल

 महत्वपूर्ण छत्तीसगढ़ी मुहावरे और उनके अर्थ

छत्तीसगढ़ी मुहावरों के अंत में आम तौर पर ‘ना’ की जगह ‘नाई’ या ‘जाना’ जैसे क्रिया शब्दों का प्रयोग अधिक होता है।

  • मुहावरा: अंगरा बरसना।

    • अर्थ: बहुत तेज धूप या अत्यधिक गर्मी पड़ना।

  • मुहावरा: दांत निपोरना।

    • अर्थ: लज्जित होकर हंसना या अपनी गलती छुपाने के लिए बेबसी से मुस्कुराना।

  • मुहावरा: कौवा उड़ारी करना।

    • अर्थ: किसी की झूठी प्रतीक्षा करना या समय बर्बाद करना।

  • मुहावरा: छूछे हाथ होना।

    • अर्थ: पास में एक भी रुपया न होना, बिल्कुल कंगाल होना।

  • मुहावरा: करिया मुंह करना।

    • अर्थ: बदनामी कराना या कलंक लगाना।

  • मुहावरा: गोड़ खिसकना।

    • अर्थ: अपनी बात या वादे से पीछे हट जाना।

  • मुहावरा: खटिया उसांगना।

    • अर्थ: मृत्यु के करीब होना या अंतिम सांसें गिनना।

  • मुहावरा: कान फुंकना।

    • अर्थ: किसी के खिलाफ बहकाना या चुगली करना।

  • मुहावरा: छतीस के अकड़ा होना।

    • अर्थ: आपस में घोर शत्रुता होना (छत्तीस का आंकड़ा होना)।

विषय के आधार पर वर्गीकरण: पशु-पक्षियों पर आधारित हाने

छत्तीसगढ़ी लोक जीवन में पशु-पक्षियों का गहरा प्रभाव है, इसलिए बहुत से हाने इनके इर्द-गिर्द बुने गए हैं:

छत्तीसगढ़ी हाना / मुहावराहिंदी अर्थ
कुकरा रोये कतको, तभो ले बिहान होहीकिसी के रोकने से प्रकृति का नियम या समय नहीं बदलता।
बेंदरा के हाथ म नरियरअयोग्य व्यक्ति को कोई कीमती या मूल्यवान वस्तु मिल जाना।
गाय न गरु, खेत म सूते हरुबिना किसी जिम्मेदारी या चिंता के एकदम निश्चिंत रहना।
मछरी के लइका ला पँवरना नई सिखाए लगयजन्मजात प्रतिभा या पैतृक हुनर को सीखने की जरूरत नहीं होती।
परीक्षा में अच्छे अंक पाने की शार्ट ट्रिक (Exam Tips)

व्यापम और CGPSC की मुख्य परीक्षा (Language Paper) में अक्सर छत्तीसगढ़ी मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करने को कहा जाता है। इसे हल करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

2.छत्तीसगढ़ी परिवेश में वाक्य बनाएं: Step 2. जब वाक्य प्रयोग करें, तो वाक्य का संदर्भ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण या सामाजिक परिवेश से जुड़ा होना चाहिए, जिससे परीक्षक को आपकी भाषा पर पकड़ का अहसास हो।

3.लिंग और क्रिया का ध्यान रखें: Step 3.छत्तीसगढ़ी में क्रिया पद (जैसे- करिस, गेस, बाबू, दाई) का चुनाव मुहावरे के अनुसार ही करें, हिंदी वाक्यों में छत्तीसगढ़ी मुहावरा सीधे फिट करने से बचें।

Chhattisgarhi Muhavare aur Lokoktiyan

Shri Om Kumar

Shri Om Kumar is an established education analyst and digital content creator with 11 years of dedicated experience in the education and employment sector. Driven by a passion to serve the student community of Chhattisgarh, he conceptualized this platform to deliver authentic, fluff-free, and high-value updates. His deep understanding of the local educational ecosystem ensures that every piece of content published here meets the highest standards of integrity and helpfulness.Thank you for choosing us as your learning and career partner. For queries, suggestions, or collaborations, feel free to reach out to us at Cghelp24@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment